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जिला पंचायत में पदस्थ बड़े बाबू का रिश्वत लेते बीडियो वायरल, अपने नित नये कारनामों को लेकर सुर्खियों में जिला पंचायत, वीडियो वायरल होने के बाद जिपं में मचा हड़कम्प

सीधी।
अपने नित नये-नये कारनामों को लेकर जिला पंचायत सुर्खियों में बना हुआ है, यहां भ्रष्टाचार की जड़े लगातार मजबूत होती जा रही है इन भ्रष्टाचारी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के बजाय लगातार उपकृत किया जा रहा है। जिसके कारण जिला पंचायत की साख लगातार गिरती जा रही है। यहां बिना लेनदेन किए फाईलें आगे नही बढ़ाई जाती। अगर फाईलें किसी को आगे बढ़वाना हो तो सबसे पहले चढ़ोत्तरी चढ़ानी पड़ती है। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो ने जिले में सनसनी फैलाकर रख दी है। ग्रामोद्योग शाखा में पदस्थ किए गए सीतासरण त्रिपाठी को हाल ही में जिला पंचायत में शिकायत शाखा,न्यायालय शाखा, सचिव स्थापना रोजगार स्थापना परिवाद लोकायुक्त की फाईलों को देखने के लिए नियुक्त किया गया है। लेकिन इनकी नियुक्ती के बाद से लगातार लेनदेन का सिलसिला शुरू हुआ जो थमने का नाम नही ले रहा है। वायरल वीडियो में एक सख्स दिखाई दे रहा है जो आदेश करवाने के लिए रूपये दिए गए है। सीतासरण त्रिपाठी उक्त सख्स से पूंछते है कि कितना है तो वह पचास बता रहा है इसके बाद सीतासरण त्रिपाठी बकायदे गिनकर रूपये अपने जेब में रख लेते है। उक्त वायरल वीडियो की पुष्टी Ntv Today Newsनही करता है। अब जब आदेश करवाने के नाम पर इतने सारे पैसे लिए जा रहे है तो अंदाजा लगाईये और कामों के लिए जिला पंचायत में कितने लगते होगें। सीताशरण त्रिपाठी की प्रतिनियुक्ती के बाद से जनपदों का खेल समाप्त कर सीधे जिला पंचायत से ही सचिवों व रोजगार सहायकों की पदस्थापना का खेल खेला जा रहा है। जनपद सीईओ कुछ लिखकर भेजते है तो सीतासरण त्रिपाठी दूसरा लिखवाकर जिला पंचायत सीईओ से दस्तखत करा देते थे।

अपने कर्मचारियों पर नही है भरोसा
जिला पंचायत सीईओ को अपने ही कर्मचारियों पर भरोसा नही है भोपाल स्तर से अधिकारियों की पदस्थापना की गई है लेकिन उनको जिम्मेदारी न देकर दूसरे विभागों से कर्मचारियों को अटैच कर उनकों बड़े विभागों की जिम्मेदारियां दी गई है। शासन द्वारा नियुक्त संदीप डावर, दीपक अहिरवार को कोई जिम्मेदारियां नही दी गई है। सामाजिक अंकेक्षण कार्य के लिए परिषद से पूर्णकालिक आडीटर अपना महत्वपूर्ण काम छोड़कर शिकायत शाखा,न्यायालय शाखा, सचिव स्थापना रोजगार स्थापना परिवाद लोकायुक्त की फाईलों को देखने के लिए नियुक्त किया गया है।

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